शुक्रवार, अप्रैल 23, 2010

मैं, ग्वालियर और पत्रिका

मैं ग्वालियर आ गया हूं। हालांकि आए हुए तो करीब दस दिन हो गए हैं लेकिन लोकल मोबाइल नंबर न होने की वजह से किसी से सम्पर्क नहीं हो पा रहा था। आज ही नंबर ले लिया है। इसलिए सबको बात भी दिया है। यानी अब इस बात का पूर्ण रूप से खुलासा हो गया है कि मैनें पत्रिका, ग्वालियर ज्वाइन कर लिया है। ब्लॉग जगत का बंदा हूं तो मेरे यहां होने की खबर मीडिया खबरों से संबंधित ब्लॉगों पर भी आ गई है। उनका लिंक यहां दे रहा हूं अच्छा लगेगा अगर वहां मेरे बारे में पढ़कर मेरे ब्लाग में कमेंट करेंगे। वैसे मैनें देखा है कि मेरे बारे में ब्लॉगों पर खबर आने के बाद इस ब्लॉग पर हिट्स की संख्या बढ़ गई है। ग्वालियर में हूं और रहूंगा तो कुछ समय बाद यहां के बारे में भी कुछ लिखूंगा। पर थोड़ा समय चाहिए। पर लिखूंगा जरूर। आपने यह पोस्ट पढ़ी इसके लिए धन्यवाद। अगर कमेंट करके जाएंगे तो और भी अच्छा लगेगा।
ब्लॉग लिंक
http://jansattaexpress.net/
http://bhadas4media.com/

5 टिप्‍पणियां:

lokendra singh rajput ने कहा…

ग्वालियर में आपका स्वागत है... दोस्त.....

falsafa ने कहा…

पंकज भाई, सबसे पहले आपको हार्दिक बधाई। ब्लाग जगत में आपकी रुचि और सफलता को देखकर अच्छा लग रहा है। आपके आज ही कई लेख पढ़े। उम्मीद है कि यूं ही लिखते रहेंगे।

vikrant ने कहा…

pankaj bhai ek jagah pani jama hone par uspar machar paida ho jaate hain kyonki paani ganda jo ho jaata hai isliye aadmi ko bhi ek jagah nahin jamna chahiye nahin to machar paida ho jaynege.
badlaw karake aapne badia kadam uthaya keep in touch.
vicky

mera anubhav ने कहा…

nai pari ki badhai,
acha laga ki tumne patrika ko pakda, asha hai aise hi pakde rahenge aur nai unchaiyo tak jayenge

www.जीवन के अनुभव ने कहा…

hamare shahar k bare me aapke blog par padane k liye intjar rahega.

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